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Mausam Status in Hindi

1. “कुछ तो पढ़ी लिखी होगी ये गर्मी वरना इतनी डिग्री लेकर कौन घूमता है।”

2. “बहुत बिगडे है जमाने के रंग क्योंकि मिल बैठे हैं तीन यार संग संग – Summer – Monsoon – Winter!”

3. “हे प्रभु बारिश करवा रहे हो या बॉडी स्प्रे मार रहे हो? वहाँ ऊपर भी Fogg चल रहा है क्या?”

4. “भीगे मौसम की भीगी सी सूरत भीगी सी याद भूली हुई बात वो भीगी सी आँखें वो भीगा हुआ साथ मुबारक हो आपको आज की खूबसूरत बरसात!”

5. “बारिश रिमझिम होनी चाहिए जोर से तो सुसु भी आती है।”

6. “जब जब आता है ये बरसात का मौसम तेरी याद होती है साथ हमदम इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे ये सोचा है हमने पर फिर सोचा कैसे बारिश को रोक पायेंगे हम।”

7. “गर्मी का आलम ये है कि मिट्टी का मटका भी आधा पानी गर्मी मारे खुद पी जाता है।”

8. “नहाना मेरे समझ से परे है। जिस शब्द के आगे “न” और पीछे “ना” है तो घरवाले बीच में “हाँ” करवाने पर क्यों तुले हुए हैं?”

9. “आज सुबह ठंडे पानी से नहा कर एहसास हुआ कि Titanic वाले लड़के की तो वाट लग गयी होगी लव के चक्कर में।”

10. “भाड़ में गये अच्छे दिन, ये बताओ ठंडे दिन कब आयेंगे।”

11. “Kahin Fisal Na Jao Zara Sambhal Ke Rehna, Mausam Baarish Ka Bhi Hai Aur Mohabbat Ka Bhi.”

12. “Tumhare Shehar Ka Mausam Bada Suhana Lage, Main Ek Shaam Chura Lun Agar Bura Na Lage!”

13. “Ab Kon Se Mausam Se Koi Aas Lagaye, Barsaat Mein Bhi Yaad Na Jab Un Ko Hum Aye.”

14. “Kabhi Shokh Hein, Kabhi Gum Si Hei Ye Baarishen Bhi. Tum Si Hein.”

15. “Mausum Bhi Aajkl Logo Ki Tarah Ho Gaya, Jab Dil Chahai Badal Jata Hain Na Rut Dekhta Hain Na Samay!”

16. “Jhalakti Hay, Tasveer Tari Barish Ki Bondoon Main, Aj Phir Bheeg Baitha, Tujhe Paane Ki Chahat Mein!!”

17. “Mera Shahar To Baarishon Ka Ghar Thehra, Yahan Ki Aankh Ho Ya Dil, Bahot Barasti Hain”

18. “Jis Ke Aane Se Mere Zakhm Bhara Karte The, Ab Wo Mausam Mere Zakhmo Ko Haraa Karte Hain.”

19. “Bewafai Ka Mausam Bhi Ab Yahan Aane Laga Hai, Wo Fir Se Kisi Aur Ko Dekhkar Muskurane Laga Hai.”

20. “Majboorian Odh Ke Nikalata Hu, Ghar Se Aaj Kal, Varna Shauk To Aaj Bhi Hai Baariso Me Bheegne Ka !”

21. “संबंधों में ठंडक रखना मेरे दोस्तों, गर्मी अभी और बढ़ेगी!”

22. “लड़कियो को ‘हॉट’ बोल-बोल के बेमतलब सूर्य भगवान से पंगा ले लिया। अब वो पूछ रहे हैं कि अब बता ‘हॉट’ कौन?”

23. “प्रिय दिसंबर तुम वापस आ जाओ, तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे यह जनवरी तो मुँह भी नहीं धोने दे रहा। समस्त उत्तर भारतीय!”

24. “आज बादल काले घने हैं आज चाँद पे लाखों पहरे हैं कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के बड़ी देर से दिल में ठहरे हैं। शुभ वर्षा ऋतू!”

25. “इस ठण्ड में ग़ालिब का नया शेर: खुद को कर बुलंद इतना कि, हर सुबह घूमने निकले, वहाँ खुदा खुद आकर पूछे, बता तेरी रजाई कहाँ है?”

26. “ये मौसम भी कितना प्यार है, करती ये हवाएं कुछ इशारा है, जरा समझो इनके जज्बातों को ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है।”

27. “प्रिय इंदर देव जी, अगर अप्सराओं से फुर्सत मिल जाये तो कृपया अपने कैलेंडर का महीना चेक कर लो।”

28. “अगर भीगने का इतना ही शौक है बारिश में तो देखो ना मेरी आँखों में बारिश तो हर एक के लिए होती है लेकिन ये आँखें सिर्फ तुम्हारे लिए बरसती हैं।”

29. “इतनी ठण्ड में आधी रात को बाथरूम जाने के लिए गर्म रज़ाई से बाथरूम तक का सफर किसी ‘मिनी वनवास’ से कम नहीं होता है।”

30. “हर जगह राजनीति चल रही है। आलम यह है कि अब तो ठंड और बारिश ने भी गठबंधन करके सरकार बना ली है। बेचारी गर्मी अल्पमत में हो गई।”

31. “वो आज भी सर्दी में ठिठुर रही है दोस्तों मैंने एक बार बस इतना कहा कि “स्वेटर के बिना कैटरीना लगती हो।””

32. “गर्मी आने से कई जगहों पर लोगों के पंखे चल पड़े हैं लेकिन कुछ अंकल अभी भी 50% डिस्काउंट वाली जैकेट पहने घूम रहे है। अपने पैसे पूरे करने हैं, चाहे गर्मी से दम घुट जाये।”

33. “आ जा अभी सर्दी का मौसम नहीं गुजरा पहाड़ों पर अभी भी बर्फ़ जमी है सब कुछ तो है मेरे पास सिर्फ एक तेरी ही कमी है।”

34. “कितने अजब रंग समेटे है ये बे-मौसम बारिश खुद में, अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है तो किसान जहर।”

35. “हल्की सर्दी का ज़माना है, मौसम भी सुहाना है, 1-2 प्यारे sms तो कर दो क्या बैलेंस को अगले जन्म तक चलाना है।”

36. “कभी आप खुले आसमान के नीचे अपनी कमाई रख कर देखिये, रात भर नींद नहीं आएगी। सोचिये किसान पर क्या गुज़रती होगी?”

37. “चिलगोज़ी की खुश्बू, मूंगफली की बहार सर्दी का मौसम आने को बेक़रार थोड़ी सी मस्ती थोडा सा प्यार मफलर, स्वेटर रखो तैयार हैप्पी विंटर सीजन मेरे यार।”

38. “सिर से पैर तक कपडे, हाथो मे दस्ताने, चेहरे पे लिप्टा स्कार्फ़, कंधो पर दुपट्टा, बन्धे हुए बाल यकिनन, गर्मी लडकियों को संस्कारी बना देती है।”

39. “दिल की धड़कन रुक सी गई है सांसे मेरी थम सी गई हैं पूछा हमने दिल के डॉक्टर से तो पता चला सर्दी के कारण आपकी यादें दिल में जम सी गई हैं।”

40. “वैसे तो मैं बहुत बड़ा खतरों का खिलाडी हूँ, पर दिसम्बर में पानी जैसे खतरे से मैं भी नहीं खेल सकता।”

41. “एक औरत क़ब्र पर बैठी हुई थी। तभी वहाँ से गुज़र रहे किसी मुसाफिर ने पूछा, “डर नहीं लगता?” औरत: क्यों इसमें डरने की क्या बात है? अंदर गर्मी लग रही थी तो बाहर आ गयी। शुभ गर्मी!”

42. “मई का महीना भी बड़ा विचित्र है. कोई बीवी के मायके जाने से खुश है तो कोई अपनी पुरानी मोहब्बत के वापस मोहल्ले मे आने से।”

43. “कुछ तकनीकी खराबियों के कारण इस बार सर्दी के बाद गर्मी का मौसम उपलब्ध नहीं हो सकेगा। कृप्या बारिश का मज़ा लें। धन्यवाद!”

44. “#Garmi भाड़ में गए अच्छे दिन हमें तो बस कोई यह बताओ कि ठन्डे दिन कब आएंगे।”

45. “क्यों किसी की याद में रोया जाए क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाए मेरा तो यही कहना है दोस्त बाहर मौसम बहुत खराब है, क्यों ना रजाई ओढ के सोया जाए!”

46. “प्रिय जून, तुम रोज़ एक ‘Crocin’ लिया करो। तुम्हारा पारा बहुत बढ़ गया है।”

47. “एक औरत क़ब्र पर बैठी थी। एक राहगीर ने पूछा, “डर नहीं लगता?” औरत: क्यों? इसमें डरने की क्या बात है। अंदर गर्मी लग रही थी तो बाहर आ गई। शुभ गर्मी।”

48. “लगता है बारिश को भी कब्ज़ हो गयी है। मौसम बनता है पर आती नहीं।”

49. “गर्मी सांग: सुनो गौर से पेप्सी वालो बुरी नज़र ना कोक पे डालो चाहे जितना Dew पिला दो सबसे आगे होगा नींबू पानी। शुभ गर्मी!”

50. “गुलाबी ठण्ड ने दस्तक दे दी है, लेकिन जब तक ‘युग पुरूष अरविन्द केजरीवाल’ मफलर नहीं बाँध लेते तब तक सर्दी की पुष्टि नहीं की जाएगी। – मौसम विभाग”

51. “कैसे लोग हो यार, मंत्री की डिग्री कम हो तो परेशान रहते हो, सूर्य की डिग्री ज्यादा हो तो भी परेशान ही रहते हो।”

52. “जीवन में एक बात हमेशा याद रखना: आँसू पोंछने वाले तो बहुत मिल जायेंगे लेकिन नाक पोंछने कोई नहीं आएगा। इसलिए ठण्ड आ गई है, अपना ध्यान रखें, कहीं सर्दी न लग जाये।”

53. “इस भयानक गर्मी में अगर तुम्हें कोई ठंडी बियर पिला दे तो वो किसी मसीहा से कम नहीं, मरते दम तक उसका एहसान मत भूलना।”

54. “सर्दियों के लिए विशेष: सुबह-सुबह सोकर उठो तो बीवी पर एक लोटा ठंडा पानी डाल दो, उसके बाद वो उठकर आपको ऐसा गरम करेगी कि पूरे दिन भर ठण्ड नहीं लगेगी।”

55. “ये बारिश नहीं सरकारी कर्मचारी के आँसू हैं, जेटली साहब।”

56. “गिरते तापमान को ध्यान में रखते हुए मैंने अगले एक महीने के अपने बाथरूम के सभी दौरों को रद्द कर दिया है।”

57. “कोई रास्ता नहीं दुआ के सिवा कोई सुनता नहीं खुदा के सिवा मैंने भी जिंदगी को करीब से देखा है, ए दोस्त गर्मी में कोई साथ नहीं देता.
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AC के सिवा।”

58. “इंसान की मूलभूत आवश्यकता: रोटी, कपडा और मकान! सर्दियों में वही रोटी, कपडा, मकान और रजाई!”

59. “भीगे मौसम का भीगा सा साथ भूला हुआ वक़्त, भूली हुई बात वो भीगी सी आँखें, वो भीगी सी याद मुबारक हो आपको मौसम की पहली बरसात।”

60. “Winter Season Special: ये “नहाना” समझ से परे है। जिस शब्द में आगे “न” है और पीछे “ना” है तो बीच में ये दुनिया “हाँ” कराने पर क्यों तुली है।”

61. “दुनिया में अच्छे आदमी की तलाश में मत निकलना,
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बाहर बहुत ठण्ड है और मैं घर पर ही हूँ।”

62. “दगा तो इस ठंड ने किया है. दो दिन पहले ही नया स्वेटर खरीदा था और आज टी-शर्ट पहन कर घूम रहा हूँ।”

63. “आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया, खत्म सभी का इंतज़ार हो गया, बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया। शुभ सावन!”

64. “ठण्ड भी जनवरी के पहले 15 दिन Odd-Even के चक्कर में फंसी रही. अब अपनी पूरी ताकत से बाहर निकली है।”

65. “नारद जी: प्रभु मार्च में बारिश? इंदर देव: मार्च शुरू हो गया है, टारगेट भी तो पूरा करना है।”

66. “वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाइयां, कभी A.C. सगे हो जाते हैं तो कभी रजाईयां।”

67. “आज समय है रजाई का अविष्कार करने वाली महान आत्मा को शत-शत नमन करने का। कसम से कमाल की चीज बनाई है।”

68. “ठण्ड का एक फायदा तो है, गर्मी बिल्कुल नहीं लगती।”

69. “ऐसे मौसम में क्यों ना मयख़ाना सजाएँ, चाय तो वो पीते हैं, जिनके लीवर में दम नहीं होता।”

70. “गर्मी आ रही है। लड़कियाँ जहाँ खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के अपने फैशन वाले कपडे पहन कर घूम सकती हैं। वहीं लड़के दुखी हैं कि बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लाएंगे।”

71. “एक तो मेरी काम वाली की समझ नहीं आती कि मेरे साथ क्या दुश्मनी है! गर्मियों में आती थी तो झाड़ू मारने के लिए पंखा बंद कर देती थी, और अब सर्दियों में पोछा सुखाने के लिए पंखा चला देती है।”

72. “पता नहीं कौन सा मौसम चल रहा है। रात को कम्बल लेकर पंखा चलाकर सोता हूँ और सुबह गर्म पानी से नहाना पड़ता है। कौनो फिरकी ले रहा है भाई।”

73. “लगता है भगवान ने आज दबंग फिल्म देख ली है! ऐसा मौसम बनाया है कि लोग कन्फ्यूज हैं कि स्वेटर पहने की रेनकोट।”

74. “काश सूरज की भी बीवी होती.
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कम से कम उसे थोड़ा कंट्रोल में तो रखती।”

75. “बजट के बाद रोया है फ़ुर्सत से कोई सारी रात यकीनन, वर्ना रुख़सत-ए- फ़रवरी में यहाँ बरसात नहीं होती!”

76. “अब की बार 50 के पार बहन जी दूध गर्म करने की ज़रुरत नहीं, रास्ते में ही उबल गया है।”

77. “बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब ये घड़ी भी सर्दियों में, पाँच मिनट और सोने की सोचो तो, तीस मिनट आगे बढ़ जाती है।”

78. “प्यारे हनुमान जी, अब समय आ गया है कि आप फिर से सूरज को खा लें।”

79. “आज की ठण्ड देखते हुए लगता है, जिनकी शादी हो गयी है वो बधाई के पात्र हैं, और जिनकी नहीं हुई वो रजाई के पात्र हैं।”

80. “नहीं मान रहा सूरज! अब और क्या घर के अंदर घुसने का मूड है।”

81. “ठण्ड की बात तो कुछ ऐसी है, कि अगर ‘WhatsApp’ पर भी कोई लिख दे “Cool” तो भी बर्दाश्त नहीं होता।”

82. “देश में इतनी ज्यादा गर्म हवायें चल रही हैं कि पूरा देश ही ‘Barbeque Nation’ बन गया है।”

83. “दिल्ली में इतना अधिक कोहरा है कि आज एक चोर ने महिला समझकर कुत्ते की चैन खींच ली!”

84. “हे सूर्यदेव, अब हम लोगों ने गलती मान ली कि देश में फॉग नहीं सिर्फ आप का ही जलवा है। अब गुस्सा थूक दो यार और अपना पारा थोड़ा नीचे कर लो।”

85. “’नहाना’ मेरी समझ से परे है – जिस शब्द के आगे ‘न’ है और पीछे ‘ना’ है, उस पर हाँ करवाने पर ये दुनिया क्यों तुली है।”

86. “भाड़ में गए अच्छे दिन, यह बताओ ठन्डे दिन कब आएंगे?”

87. “धूप निकल आई है! जिस-जिस को अपनी चड्डी सुखानी हो वो सुखा ले। बाद में शायरियाँ मत करना।”

88. “पहले फॉग चल रहा था, अब लू चल रही है। दोनों साथ-साथ क्यों नहीं चलते? लगता है यह दोनों भी पति-पत्नी हैं।”

89. “क्या किसी के पास उधार स्वरूप् थोड़ी धूप सप्लाई करने की व्य्वस्था है? मई जून तक दोगुने भाव से लौटा दूंगा।”

90. “लगता है बारिश को भी कब्ज हो गयी है. मौसम बनता है पर अाती नहीं।”

91. “आज सुबह गलती से पंखे का बटन क्या दब गया पूरा परिवार यूँ देखने लग गया जैसे मैं कोई आतंकवादी हूँ।”

92. “मेरे भारत का हर शहर है नगीना, बारिश पड़ती है आधा घंटा, कीचड़ पूरा महीना।”

93. “दुनिया में हर कोई एक दूसरे सें जल रहा है, फिर भी कम्बख़्त इतनी ठण्ड क्यों पड़ रही है?”

94. “जीवन में एक बात याद रखना कि आँसू पोंछने वाले हज़ारों मिलेंगे पर. नाक पोंछने कोई नहीं आता, ठंड आ गई है। अपना ध्यान रखना।”

95. “लड़की: मैं तुमसे ब्रेक-अप करना चाहती हूँ। लड़का: यार, सर्दी-सर्दी तो रुक जाती।”

96. “आखिर वो समय आ ही गया जब हम सुबह उठकर ज़िन्दगी का सबसे मुश्किल फैंसला करते हैं कि. आज नहाना चाहिए या नहीं।”

97. “कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला: “नहाये हुए व्यक्ति को छूने वाला व्यक्ति भी नहाया हुआ माना जायेगा।” – जनहित में जारी”

98. “सर्दियों में नहाना ज़रूरी नहीं, नहाये हुए लगना ज़रूरी होता है।”

99. “गर्मीयो में सर्द हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।”

100. “मानसून ने दस्तक नहीं दी है भाई! ये तो ऊपर वाले ने गरम तवे पर पानी छिड़का है अब सभी का डोसा बनेगा।”

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